अनिल एकलव्य ⇔ Anil Eklavya

May 4, 2010

सूरज-चांद

सूरज क्यों जल रहा है?
क्यों खुदकुशी कर रहा है?
शहीद होना चाह रहा है?

बुरी बात है, बुरी बात है

जल रहा है और जला रहा है
जल-जला के कह रहा है
जल रहा हूँ मैं जल रहा हूँ

बुरी बात है, बुरी बात है

पता नहीं क्या लाखों सूरज
इससे अनगिन बड़े निरंतर
जल भी रहे हैं जला भी रहे हैं

बुरी बात है, बुरी बात है

चांद का क्या ख़्याल है?

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