अनिल एकलव्य ⇔ Anil Eklavya

April 27, 2018

Found on My Balcony – 1

Filed under: Poison,Threat Perception,Uncategorized — anileklavya @ 11:57 pm

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February 28, 2009

ताक़त के ज़हर का सिद्धांत

बड़े का छोटे के लिए
गोरे का काले के लिए
भगवे का हरे के लिए
ताक़तवर का कमज़ोर के लिए

एक ही दिशा की बात क्यों?
क्योंकि जैसे पानी केवल
ऊपर से नीचे बहता है
वैसे ही ज़हर भी

अगर छोटा बड़ा हो जाए
और बड़ा छोटा तो
ज़हर के बहने की दिशा
भी पलट जाएगी
पर बहेगा तब भी
ऊपर से नीचे ही

नीचे वाला अगर
ज़हर उगले भी
तब भी ज़हर या तो
उसी पर आ गिरेगा या
उससे भी नीचे वाले की
तरफ़ बह जाएगा

यही ताक़त के ज़हर का सिद्धांत है

पर ताक़त के अमृत का सिद्धांत?

 

[2005]

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