अनिल एकलव्य ⇔ Anil Eklavya

May 5, 2017

आधारित डायलॉग

Filed under: Aadhaar,आधार,Privacy,Security,Thought Stoppers,Uncategorized — anileklavya @ 9:25 pm

आधार बनवाया कि नहीं?

लेकिन आधार तो वॉलंटरी …

बनवाता है कि ठोक दूँ?

मीलॉर्ड आधार वॉलंटरी …

आधार तो वॉलंटरी ही है।

मीलार्ड आतंकवादी, काला धन …

आधार तो बनवाना पड़ेगा।

आधार बनवाता है कि ठोक दूँ?

आधार बन…

बनवा लिया! बनवा लिया!

आधार ‘अ’ से लिंक करवाता है कि ठोक दूँ?

आधार ‘क’ से लिंक करवाता है कि ठोक दूँ?

आधार ‘त्र’ से लिंक करवाता है कि ठोक दूँ?

लेकिन मीलार्ड आधार तो सामाजिक कल्याण योजना …

आधार तो वॉलंटरी ही है। लिंक करवाना ज़रूरी नहीं है।

मीलार्ड आतंकवादी, काला धन …

आधार तो लिंक करवाना पडेगा।

आधार ‘क’ से लिंक करवाता है कि ठोक दूँ?

करवाता हूँ! करवाता हूँ!

आधार ‘त्र’ से लिंक करवाता है कि ठोक दूँ?

पहले ही करवा लिया भाई।

सारे विकेट गिर गए बॉस।

 

***

राष्ट्रव्यापी जेल का राष्ट्रार्पण फ़लाने दिवस को होने वाला है।

Advertisements

Create a free website or blog at WordPress.com.